वास्तु शस्त्रा घर के लिए हिन्दी मे

वास्तु शस्त्रा घर के लिए हिन्दी मे
वास्तु शस्त्रा घर के लिए हिन्दी मे

वास्तु एक विज्ञान है जिसमें संरचनाओं की तथा परिसर की सकारात्मक ऊर्जा का उपयोग करके मनुष्य जाति के संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार लाया जाता है  वास्तु शस्त्रा घर के लिए हिन्दी मे और व्यक्ति के खुद के घर के सिवाय ऐसी कोई जगह नहीं है जहाँ इसका पालन किया जाए । घर में रहनेवाले व्यक्तियों के अलावा वास्तु एक ऐसा घटक है जो मकान को घर बनाता है । घर हमारे व्यक्तित्व की पहचान है और ऐसी जगह जहाँ हमारा अस्तित्व होता है । इसलिए घर के लिए वास्तु का प्रत्येक और हर घर में पालन करना चाहिए । आपके धर्म जाति या मान्यताओं के बावजूद एक बार अगर आपको घर के लिए वास्तु टिप्स का अनुभव करेंगे तब आप भली भाँति समझ जाएँगे कि यह सूक्ष्म तरीके से काम करनेवाला विज्ञान है । हालाँकि परिभाषा के अनुसार घर ऐसी जगह है जहाँ भगवान तथा मनुष्य रहते हैं और उन दोनों की खुशी और समध्दि के लिए उसे सुविधाजनक हो ऐसा डिज़ाइन बनाना यह सच में एक कला है ।

मुख्‍य द्वार वास्तु शस्त्रा घर के लिए हिन्दी मे
मुख्‍य द्वार वास्तु शस्त्रा घर के लिए हिन्दी मे

1. मकान का मुख्‍य द्वार
मकान का मुख्‍य द्वार दक्षिण मुखी नहीं होना चाहिए। इसके लिए आप चुंबकीय कंपास लेकर जाएं। यदि आपके पास अन्‍य विकल्‍प नहीं हैं तो द्वार के ठीक सामने बड़ा सा दर्पण लगाएं ताकि नकारात्‍मक ऊर्जा द्वार से ही वापस लौट जाएं। वास्तु शस्त्रा घर के लिए हिन्दी मे

2. खिड़की दरवाजे
घर के खिड़की दरवाजे इस प्रकार होनी चाहिए कि सूर्य का प्रकाश ज्‍यादा से ज्‍यादा समय के लिए घर के अंदर आए। इससे घर की बीमारियां दूर भागती हैं।

3. बेडरूम
बेडरूम में भगवान के कैलेंडर या तस्‍वीरें या फिर धार्मिक आस्‍था से जुड़ी वस्‍तुएं नहीं रखनी चाहिए। बेडरूम की दीवारों पर पोस्‍टर या तस्‍वीरें नहीं लगाएं तो अच्‍छा है। हां अगर आपका बहुत मन है तो प्राकृतिक सौंदर्य दर्शाने वाली तस्‍वीर लगाएं। इससे मन को शांति मिलती है पति-पत्‍नी में झगड़े नहीं होते।

4. बच्चे का स्टडी रूम  (भिगोके बादाम खाने के फायदे इन हिंदी)
बच्चे का स्टडी रूम घर की पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए। उत्तर-पूर्व में स्थित कक्ष को भी बच्चे का अध्ययन कक्ष बनाया जा सकता है। वास्तु के अनुसार यह दिशाएं ध्यान केंद्रित करने में सहायता करती हैं। पढ़ते समय भी मुंह उत्तर या पूर्व की तरफ ही होना चाहिए। वास्तु शस्त्रा घर के लिए हिन्दी मे

5. स्टडी टेबल
स्टडी टेबल के सामने काफी जगह होनी चाहिए। इससे नए विचार आने में मस्तिष्क की सहायता होती है। माना जाता है स्टडी रूम में टेबल के आगे जितना अधिक स्पेस होगा बच्चे के सामने आगे बढ़ने के उतने अधिक अवसर होंगे वास्तु शस्त्रा घर के लिए हिन्दी मे

6. रसोई
दक्षिण घर वास्तु के अनुसार सामना करना पड़ रहा है रसोई दक्षिण पूर्व दिशा में स्थित होना चाहिए। दूसरा विकल्प है नॉर्थवेस्ट वास्तु शस्त्रा घर के लिए हिन्दी मे

7. मास्टर बेडरूम  (Yoga & Weight Loss – 6 Yoga Poses to Get Back in Shape)
मास्टर बेडरूम सख्ती से अधिकतम लाभ के लिए दक्षिण पश्चिम दिशा में मौजूद होना चाहिए

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